Palitana 5 Chaityavandan In Hindi Full |work| | Free × BLUEPRINT |

उत्तम संथो संजलणिज्जवाओ, अबहिलावो उत्तम उज्जोगकम्मं। आयरिय कंदं चरणं वरिद्धं, वंदामि पासेमि य णिच्चलं चैय।। तस्स चैयस्स, जं चैयलोगस्स, जाओ तेसिं चैयलोगाणं, अंतो बहिं पडिसंठियस्स, णमोत्थु णं णमोत्थु णं।। हिंदी अर्थ: "हे प्रभु! उत्तम संयम से युक्त, समस्त कषायों का त्याग करने वाले, अव्याबाध (बिना रुकावट वाले) उत्तम उद्योग (आराधना) करने वाले, आचार्यों के श्रेष्ठ चरणों के समान पूजनीय, मैं उस जिनप्रतिमा (चैत्य) को वंदन करता हूँ, दर्शन करता हूँ, जो अचल (स्थिर) है। उस चैत्य के, चैत्यलोक (मंदिर) के, और चैत्यलोकों के भीतर-बाहर जितने भी देव, गुरु और विद्याएँ विराजमान हैं, उन सबको नमस्कार है।"

ॐ नमः सिद्धेभ्यः। ॐ नमो अरिहंताणं। पानी लेते हुए: ॐ ह्रीं ॐकार बीजाय नमः। पानी छिड़कते हुए: ॐ ह्रीं श्री इच्छाकार बीजाय नमः। (3) दर्शन मार्ग - 24 अल्पप्राण क्षमापना (संक्षिप्त): इच्छामि संखेवेणं पंच चैयवंदणं जाव-आउरं खमासमणं। अर्थ: हे वीतरागी प्रभु, मैं संक्षेप में पाँच चैत्यवंदन करने की इच्छा करता हूँ। आपसे मेरी आयु (जीवन भर में हुई) सभी गलतियों के लिए क्षमा याचना है। palitana 5 chaityavandan in hindi full

सब जीवों को मेरा नमस्कार, मिच्छामि दुक्कडम्। लेख का उद्देश्य: जैन श्वेतांबर परंपरा के अनुसार पालिताना तीर्थ पर पाँच चैत्यवंदन करने वाले श्रावकों के लिए व्यावहारिक मार्गदर्शन। जाओ तेसिं चैयलोगाणं

पंचिंदिय मिच्छा दुक्कडं, मण-वय-कायं मिच्छा दुक्कडं, अहोरत्तं संठियं मिच्छा दुक्कडं, दिवसंचरियं मिच्छा दुक्कडं, सामाइयं पडिक्कमामि। अर्थ: पाँच इंद्रियों से हुआ पाप, मन-वचन-काया से हुआ पाप, रात-दिन किए सब पाप, दिन में विचरण करते हुए किए पाप, मैं सबकी प्रतिक्रमण (क्षमा-याचना) करता हूँ। अंतो बहिं पडिसंठियस्स