अब आप को समझ चुके हैं। तो देर किस बात की? कोई एक सही PDF निकालिए, उसे हर रोज़ पढ़िए, अपने बच्चों को भी याद करवाइए और सबसे पहले हर नाम पर अमल कीजिए।
लेख का शीर्षक: अस्मा-उल-हुस्ना: अल्लाह के 99 नामों के अर्थ, फ़ज़ीलत और रोज़ाना की दुआएं allah ke 99 naam ki fazilat in hindi pdf hot
हर मुश्किल के लिए कोई एक नाम पढ़ो, झटका से समाधान। सही बात: फज़ीलत अल्लाह की मर्ज़ी पर निर्भर है। दवा की तरह नहीं कि खाते ही बीमारी ठीक हो। नियत सही हो, दिल में यकीन हो, हलाल कमाई हो – तो असर होता है। उसे हर रोज़ पढ़िए
इस्लाम में (अल्लाह के 99 नाम) का बहुत ऊँचा दर्जा है। ये नाम सिर्फ़ पढ़ने या याद करने के लिए नहीं हैं, बल्कि इनका हर एक नाम अल्लाह की एक सिफत (विशेषता) को दर्शाता है। कुरान और हदीस में इन नामों की फज़ीलत (लाभ और बरकत) के बारे में खूब बातें आई हैं। दिल में यकीन हो
| नाम | अर्थ (हिंदी में) | फज़ीलत / फायदा | |------|------------------|------------------| | | बेहद मेहरबान | रिज़क में बरकत, परेशानियाँ दूर हों | | या गनीमु | बेनियाज़, अमीर | कर्ज़ की अदाएगी के लिए 100 बार पढ़ें | | या शफीक़ु | शफ़क़त करने वाला | बीमारी से शिफा (इलाज) के लिए | | या ज़ाहिरु | ज़ाहिर (प्रकट) | दुश्मन से हिफाज़त के लिए | | या रज़्ज़ाक़ु | रोजी देने वाला | अगर रोजी में तंगी हो, 1000 बार | | या हकीमु | बड़ा हिकमत वाला | परीक्षा में कामयाबी के लिए |
(मैं स्वयं कोई लिंक नहीं दे सकता, लेकिन आप सर्च करके असली PDF निकाल सकते हैं। सिर्फ एक शर्त: PDF में हर नाम के आगे उसकी फज़ीलत हो, सही तजवीद हो और कोई बिदअत ना हो।) गलतफहमी 1: 99 नामों को 100 बार पढ़ लिया, बस जन्नत पक्की। सही बात: हदीस में "अहसाहा" (गिन लिया/समझ लिया) शब्द है। सिर्फ गिनती से फायदा नहीं, समझना और मानना ज़रूरी है।
अल्लाह हम सब को अस्मा-उल-हुस्ना को सही मानी के साथ पढ़ने और जन्नत पाने की तौफीक देता है। । अगर आपको यह लेख अच्छा लगा हो, तो इसे ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक पहुँचाइए। और हाँ, जो PDF आप डाउनलोड करें, उसे शेयर ज़रूर करें, लेकिन सिर्फ़ सही और रिव्यू किया हुआ PDF।